प्रश्न - 𝟏. तंत्रिका कोशिका का सचित्र वर्णन करें।
उत्तर-
प्रत्येक न्यूरॉन में एक ताराकार कोशिकाय होता है जिसे साइटोन कहते हैं।साइटोन में कोशिका द्रव्य तथा एक बड़ा न्यूक्लियस होता है। साइटोन से अनेक तंतु या प्रवर्धन निकले होते हैं जिन्हें डेंड्राइट्स कहा जाता है। इनमें से एक और तंतु निकले होते हैं जो अन्य की अपेक्षा बहुत लंबा होता है, उन्हें एक्सँन कहा जाता है। डेंड्राइट्स संवेदना को विभिन्न संवेदी अगों (जैसे- कान, नाक, जीभ आदि) से ग्रहण कर साइटोन को पहुंचाता है। साइटोन में संवेदना विद्युत आवेग में परिवर्तित हो जाता है। फिर एक्सँन के द्वारा तंत्रिका आवेग आगे की ओर बढ़ता है। एक्सँन अपने अंतिम छोर पर स्वयं शाखित हो जाते हैं और प्रत्येक शाखा सूक्ष्म गांठ जैसी रचना में समाप्त हो जाते हैं जिन्हें सूत्रयुग्मन गाँठें कहते हैं। एक्सँन के चारों तरफ श्वेत चर्बीदार पदार्थों का एक आवरण होता है जिन्हें मायलिन शीथ कहते हैं। मायलिन शीथ कुछ कुछ दूरी पर नहीं पाए जाते हैं। वह जगह जहां मायलिन नहीं पाए जाते हैं, रेनवियार के नोड कहलाते हैं। मायलिन शीथ के ऊपर एक पतली झिल्ली होती है जिसे न्यूरिलेमा कहते हैं। न्यूरिलेमा के अंदर कोशिकाद्रव्य में कहीं-कहीं केंद्रक पाया जाता है। इस तरह न्यूरिलेमा चपटी तथा लंबवत कोशिकाओं की बनी होती है। इन कोशिकाओं को श्वान कोशिका कहते हैं। जब एक्सँन बहुत लंबा होता है तो वह तंत्रिका तंत्र कहलाता है तथा कई तंत्रिका तंतुओं के मिलने से तंत्रिका बनता है।
प्रश्न - 𝟐. लसीका क्या है ? इसके कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर- लसीका एक परिवहन तंत्र हैं। उच्च श्रेणी के जंतुओं में परिवहन हेतु अलग से एक तंत्र पाई जाती है, जिसे लसिका तंत्र कहते हैं। या उत्तक एवं उत्तक द्रव्यों के बीच पदार्थों का स्थान तरण करते हैं
प्रश्न - 𝟑. मनुष्य में कितने प्रकार के दांत पाए जाते हैं ? उनके नाम तथा कार्यों को लिखें।
उत्तर- मनुष्य में दांत चार प्रकार के पाए जाते हैं।
(𝐢) कतर्नक या इंसाइजर
(𝐢𝐢) भेदक कैनाइन
(𝐢𝐢𝐢) अग्रचवर्णक या प्रीमोलर
(𝐢𝐯)चवर्णक या मोलर
कतर्नक को काटने वाले दांत कहते हैं। भेदक को चिरने या फारने वाला दांत कहते हैं। अग्रचवर्णक एवं चवर्णक को चबाने और पीसने वाला दांत कहते हैं।
प्रश्न - 𝟒. वाष्पोत्सर्जन एवं स्थानांतरण में अंतर स्पष्ट करें ।
उत्तर- पौधे के वायवीय भागों से वाष्प के रूप में जल का निष्कर्षण की क्रिया वाष्पोत्सर्जन कहलाते हैं। पौधों की एक शारीरिक किया है।
लेकिन स्थानतरण में पौधे में जल, खनिज लवण एवं खाद्य पदार्थों का बहुत ऊंचाई तक संचालन होता है। इस स्थानतरण की क्रिया में वाष्पोत्सर्जन के भूमिका होती हैं। यह फ्लोएम के चालनी नलिकाओं के द्वारा होता है।
0 Comments
आप अपना राय दें। 👇